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क्यो इतनी परेशान हूँ
थोड़ी हैरान हूँ, वक्त के हालातों दबी थोड़ी परेशान हूँ औरों के लिए थोड़ी बोझ- सी बन गई इसलिए आज खुद के पैरो पे खड़ी हुई हूँ ।। यूँ तो बहुत समझदार हू
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थोड़ी हैरान हूँ, वक्त के हालातों दबी थोड़ी परेशान हूँ औरों के लिए थोड़ी बोझ- सी बन गई इसलिए आज खुद के पैरो पे खड़ी हुई हूँ ।। यूँ तो बहुत समझदार हू
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बैठ गया क्या पथिक हार कर । हार गया यह खुद ही मान कर।। रोड़े तुझे गिराएंगे, गति में अवरोध लगायेगे , तू जब जब उठना चाहेगा, तब तब तुझे गिराएंगे
कुछ किमती है अगर उसके लिए, वो मुस्कुराहट है हमारी, रातो मे जागने से उसे परेशानी नही होती, चैन से सो सके बिस्तर पर, जरा सा सरकने मे उसे परेशानी नही हो
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नारी शक्ति को समर्पित तू वक्त की रफ्तार है ! तू तलवार की धार है ! तू शिव की शक्ति है! तू कृष्ण की भक्ति है ! तू नित नई शुरुआत है! तू मानवता का
आसान नही यहाँ बड़प्पन के दौर से गुजरना । सामना करना पड़ता हैं कई अनजान जोखिमों का कहानियाँ तो कई सुनाई जाती हैं इस दिलचस्प "बड़प्पन" की पाकर इस
Love is very important for life but it is not necessary for whole life, but the one things that stay with you all your life is You and Your self respect(honour). We do a lot of love, but we also respect ourselves and maybe it's not wrong,
मिलना तय हुआ हमारा रहीम चाचा की टपरी पर। मैं बैठा था कुर्सी पर एक कोने में, वो उबल रही थी धीमी आँच पर, या यूँ कहो वो सवंर रही थी हमसे मिलने के लिए। बे
There is another spark, a different glam...wow! Cuz 'eighteen' is an age of being adult, and I don't know how? So what...there maybe wrinkles under your eyes, acnes all over your face, It's an age of being mature, and you have to
In the ways that she took by There were people who eyed thigh, When the hours grew darker Her heart fastly went fainter. On the lone and silent nights When the whistles blowed every crevice, And the dark concealed shadows in black She felt black drapes stealing back. Longed they
सब कहते है की हमे अँधेरे से दुर रहना चाहिए और हम सब भगवान से प्रार्थना करते है की हमारी खुशहाल ज़िंदगी मे कभी अँधेरे का साया मत पड़ने देना। यहाँ तक
मेरे मन में अपनी उपस्थिति तुम कुछ यूं दर्ज करा रहे हो, हाथों में मैंने थामा है इस कलम को , इस कलम में जज़्बात की स्याही तुम बनते जा रहे हो , जिंदगी के सफ़र
न कोई घर, न कोई ठिकाना होता है, जहाँ आँखे बंद हो, बस वही हाथो का सिरहाना होता है, किसी के लिए मासूमियत से रिझाने वाला, तो किसी के लि