परेशानी नही होती
कुछ किमती है अगर उसके लिए,
वो मुस्कुराहट है हमारी,
रातो मे जागने से उसे परेशानी नही होती,
चैन से सो सके बिस्तर पर,
जरा सा सरकने मे उसे परेशानी नही होती,
हमारी हर जरूरत पुरी हो,
पुराना अभी चलेगा कहकर,
अपनी जरूरतें कम करने मे उसे परेशानी नही होती,
सपनो की सीढ़ियां चढ़ते है हम,
वक़्त काम का बढ़ाकर और हमारे लिए घटाकर,
थोड़ा समय और बाहर बिताने
मे उसे परेशानी नही होती,
इर्द गिर्द घूमती है सबकी ख्वाहिशे उसके,
गुस्से मे कभी मना कर दे वो तो,
बाद मे तुम्हें मनाने मे उसे परेशानी नही होती,
माँ के प्यार मे घिरे रहते है हम,
दुनिया समझ सको इसलिए,
थोड़ी सी कठोरता दिखाने मे पिता को परेशानी नही होती,
जिदंगी भर भी रख सकता है वो ध्यान हमारा,
पर उसे वो प्रेम जताते नही आता है,
अपने ख्वाबों को बेचकर खरीदा करता है,
वो हर नये सपने का आधार हमारे लिए,
जिदंगी भर कहे, बिना कहे हर जिद्द जान गया था वो,
और हम उसके कहने पर भी समझ नही पाते|
— Ayushi Singh